dhanteras 2026 : diwali is most beautiful festivals

आप सभी को धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं! dhanteras 2026 का त्योहार हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान धनवंत्री, भगवान गणेश, मां लक्ष्मी और कुबेर देवता की पूजा की जाती है। यह दिन कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है, और इसी दिन से दीपावली के पंच पर्व की शुरुआत होती है। माना जाता है कि इसी दिन समुद्र मंथन से अमृत कलश निकला था, और देवताओं के वैद्य भगवान धनवंत्री अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसलिए, इस दिन स्वास्थ्य और समृद्धि के लिए उनकी विशेष पूजा की जाती है।

धनतेरस पर चार देवताओं की पूजा होती है: भगवान गणेश, मां लक्ष्मी, धनवंत्री देवता और कुबेर देवता। इस दिन की पूजा से न केवल अच्छा स्वास्थ्य मिलता है, बल्कि घर में धन और समृद्धि भी आती है। पूजा के दौरान यमराज के निमित्त दीप दान करने की परंपरा भी है ताकि परिवार की आयु लंबी हो और सभी स्वस्थ रहें।

धनतेरस की पूजा करना बहुत सरल होता है। शाम के समय प्रदोष काल में पूजा की जाती है। पूजा विधि इस प्रकार है:

1. स्नान करें – पहले स्नान करके साफ वस्त्र पहन लें। फिर अपने पूजा स्थल को अच्छे से साफ कर लें।

2. दीप जलाएं- एक शुद्ध घी का दीपक जलाकर कर्म साक्षी दीपक के रूप में रखें। साथ ही एक कलश की स्थापना करें, जैसा कि धनवंत्री देवता कलश लेकर प्रकट हुए थे।

3. भगवान गणेश की पूजा – सबसे पहले भगवान गणेश की पूजा करें। जल के छींटे देकर स्नान कराएं, वस्त्र अर्पित करें, धूप, दीप, अक्षत और पुष्प चढ़ाएं। भगवान गणेश की आरती भी करें।

4. मां लक्ष्मी की पूजा – मां लक्ष्मी को स्नान कराकर धूप, दीप, पुष्प, अक्षत चढ़ाएं और आरती करें।

5. धनवंत्री देवता की पूजा – अच्छे स्वास्थ्य के लिए धनवंत्री देवता की पूजा करें। उनके सामने एक कलश रखें जिसमें गंगाजल, सुपारी, अक्षत, फूल और पंच पल्लव रखें।

6. कुबेर देवता की पूजा – कुबेर देवता को धन के लिए पूजा जाता है। उन्हें चावल और सुपारी अर्पित करें।

धनतेरस पर यमराज के निमित्त दीप दान करना भी बहुत शुभ माना जाता है। दीप दान संध्या या देर रात्रि में किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दीप से परिवार की लंबी आयु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना पूरी होती है।

धनतेरस के दिन सोना, चांदी, बर्तन, और अन्य नई वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। इस दिन की गई खरीदारी का तीन गुना लाभ मिलता है। इसे त्रिपुष्कर योग कहते हैं और शास्त्रों में इस दिन की गई खरीदारी को बहुत शुभ माना गया है।

तिथि – 29 अक्टूबर 2026 से त्रयोदशी तिथि सुबह 10:31 पर शुरू होकर 30 अक्टूबर को दोपहर 1:01 बजे समाप्त होगी।पूजा का समय – 29 अक्टूबर 2026 को शाम 6:31 से रात 8:01 तक का समय पूजा के लिए विशेष शुभ है।खरीदारी का समय – 29 अक्टूबर को सुबह 10:31 से लेकर 30 अक्टूबर को सुबह 6:32 तक, कुल 20 घंटे के शुभ समय में आप कोई भी शुभ वस्तु खरीद सकते हैं।

धनतेरस के दिन धनवंत्री देवता की पूजा करने से हमें अच्छा स्वास्थ्य प्राप्त होता है। अगर परिवार में कोई बीमार है तो उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए इस दिन धनवंत्री भगवान को आयुर्वेदिक दवाइयां अर्पित कर सकते हैं। कुबेर देवता से धन और समृद्धि की कामना करें ताकि घर में हमेशा सुख-शांति बनी रहे।

भगवान धनवंत्री – “ॐ धन्वंतरये नमः

“कुबेर देवता – “ॐ कुबेराय नमः

“भगवान गणेश – “ॐ श्री गणेशाय नमः

“मां लक्ष्मी** – “ॐ महालक्ष्म्यै नमः

“इन मंत्रों का जाप करके आप अपने घर में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना कर सकते हैं।

धनतेरस पर की गई पूजा से न केवल धन की प्राप्ति होती है बल्कि जीवन में स्वास्थ्य और दीर्घायु का आशीर्वाद भी मिलता है। इसे ध्यान में रखते हुए पूरे श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करें और अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना करें।

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